गाँव की रहस्यमयी चाची
एक छोटे से गाँव में, जहाँ हरे-भरे खेत फैले हुए थे और नदी की कल-कल बहती धारा हर शाम को शांति का संदेश देती थी, वहाँ रहती थीं राधा चाची। राधा चाची की उम्र चालीस के करीब थी, लेकिन उनका शरीर अभी भी जवान और आकर्षक था। उनकी कमर पतली, स्तन भरे हुए और होंठ गुलाबी, जो गाँव के हर मर्द को अपनी ओर खींचते थे। वह विधवा थीं, उनके पति की मौत सालों पहले हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने कभी दोबारा शादी नहीं की। गाँव वाले उन्हें सम्मान देते थे, लेकिन उनके दिल में छिपी आग किसी को पता नहीं थी। राधा चाची दिन भर खेतों में काम करतीं, गायों को दूध निकालतीं और शाम को घर लौटकर अकेलेपन में अपनी इच्छाओं से जूझतीं।